विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय चिरमिरी में रोगी सहायता समूह बैठक आयोजित, 11 बच्चों को वितरित किए गए यूडीआईडी कार्ड।
विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय चिरमिरी में रोगी सहायता समूह बैठक आयोजित, 11 बच्चों को वितरित किए गए यूडीआईडी कार्ड।
विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय चिरमिरी में रोगी सहायता समूह बैठक आयोजित, 11 बच्चों को वितरित किए गए यूडीआईडी कार्ड।
प्रतिवर्ष 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य सिकल सेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच एवं उपचार को प्रोत्साहित करना तथा रोग से प्रभावित व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। इसी क्रम में 18 जून 2026 को जिला चिकित्सालय चिरमिरी में रोगी सहायता समूह (Patient Support Group) की प्रथम जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में खड़गवां एवं जनकपुर विकासखंड के 35 सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने सहभागिता की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को रोग संबंधी जानकारी, उपचार, उपलब्ध शासकीय सुविधाओं तथा दिव्यांगजन हितग्राही योजनाओं से जोड़ना था। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों एवं उनके अभिभावकों को रोग प्रबंधन, नियमित फॉलो-अप तथा जीवनशैली संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
कार्यक्रम के माध्यम से महापौर श्री रामनरेश राय ने सिकल सेल से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने, नियमित उपचार एवं फॉलो-अप बनाए रखने तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र राय ने सिकल सेल रोग की प्रकृति, इसके लक्षणों, संभावित जटिलताओं तथा शासन द्वारा उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक तिवारी ने सिकल सेल रोग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए रोग से प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को दैनिक जीवन में बरती जाने वाली सावधानियों, क्या करें एवं क्या न करें, नियमित दवा सेवन, संक्रमण से बचाव तथा समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में बताया। दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान भी किया।
कार्यक्रम में 11 सिकल सेल प्रभावित बच्चों के यूडीआईडी (UDID) दिव्यांगता कार्ड तैयार कर वितरित किए गए। इस उपलब्धि में जिला चिकित्सालय चिरमिरी की मेडिकल बोर्ड टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके विशेष प्रयासों एवं समर्पण से बच्चों को दिव्यांगता प्रमाणन एवं यूडीआईडी कार्ड का लाभ प्राप्त हो सका।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में, सिविल सर्जन डॉ. राजेन्द्र राय ने कार्यक्रम में उपस्थित उन बच्चों की आवश्यक कन्फर्मेटरी जांच अस्पताल निधि से कराने की घोषणा की, जिनके यूडीआईडी कार्ड जांच लंबित होने के कारण नहीं बन पाए थे। उन्होंने कहा कि जांच पूर्ण होते ही पात्र बच्चों का दिव्यांगता प्रमाणन कर यूडीआईडी कार्ड बनवाया जाएगा, जिससे वे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष सिंह के प्रभावी समन्वय, सक्रिय सहयोग एवं सतत अनुश्रवण के परिणामस्वरूप विकासखंड स्तर से चिन्हांकित पात्र हितग्राहियों की समयबद्ध सहभागिता सुनिश्चित हो सकी, जिससे कार्यक्रम का सफल आयोजन एवं संचालन संभव हो पाया।
कार्यक्रम के आयोजन एवं तकनीकी मार्गदर्शन में यूनिसेफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। यूनिसेफ के डॉ. गजेन्द्र सिंह के निर्देशन में उनकी टीम तथा एकम फाउंडेशन द्वारा तकनीकी सहयोग एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का जिला स्तरीय समन्वय जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री राजकुमार राजवाड़े तथा प्रभारी अस्पताल प्रबंधक श्री वीरेन्द्र साव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सिकल सेल प्रभावित बच्चों को कार्यक्रम में सहभागी बनाने एवं कार्यक्रम स्थल तक लाने में आरबीएसके जिला नोडल अधिकारी डॉ. अतीक सोनी, आरबीएसके टीम, मितानिन कार्यक्रम समन्वयकों एवं मितानिनों की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही। उनके प्रयासों से अधिक से अधिक बच्चों एवं अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित हो सकी।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सिकल सेल रोग संबंधी जानकारी, सावधानियों, उपचार एवं उपलब्ध शासकीय सुविधाओं की जानकारी देने हेतु सिकल सेल सूचना पुस्तिका (Information Brochure) का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों एवं उनके अभिभावकों को नियमित फॉलो-अप, समय पर उपचार एवं शासन की उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया तथा सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
राकेश सिंह की रिपोर्ट