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डार्क वेब से अमेरिकी डेटा खरीदकर करते थे ठगी: अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड विकास शुक्ला गिरफ्तार

डार्क वेब से अमेरिकी डेटा खरीदकर करते थे ठगी: अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड विकास शुक्ला गिरफ्तार

डार्क वेब से अमेरिकी डेटा खरीदकर करते थे ठगी: अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड विकास शुक्ला गिरफ्तारIMG-20260415-WA0008-1-225x300 डार्क वेब से अमेरिकी डेटा खरीदकर करते थे ठगी: अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड विकास शुक्ला गिरफ्तार

रायपुर | 15 अप्रैल 2026

रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य मास्टरमाइंड विकास नरेन्द्र शुक्ला को महाराष्ट्र के शोलापुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए गुजरात, गोवा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में लगातार दबिश दी जा रही थी।

इंटेलिजेंस ऑपरेशन से हुआ था बड़ा खुलासा

पुलिस को 25 मार्च 2026 को इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर बड़ी सफलता मिली थी, जब रायपुर के गंज थाना क्षेत्र स्थित सुभाष नगर के पिथालिया कॉम्प्लेक्स और न्यू राजेन्द्र नगर के अंजनी टॉवर में एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान अवैध रूप से संचालित तीन कॉल सेंटरों से 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

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छापे के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए, जिनमें 67 मोबाइल फोन, 18 लैपटॉप, 28 कंप्यूटर सेट और 3 वाई-फाई राउटर शामिल हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 16.53 लाख रुपये आंकी गई।

डार्क वेब से डेटा खरीदकर बनाते थे शिकत

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह डार्क वेब के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों का डेटा खरीदता था। यह डेटा व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए विभिन्न वेंडर्स से लिया जाता था। इसके बाद कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को कॉल कर उन्हें लोन और क्रेडिट स्कोर सुधारने का झांसा दिया जाता था।

गिफ्ट कार्ड से वसूली, क्रिप्टो में लेन-देन

आरोपी लोगों से गिफ्ट कार्ड के जरिए पैसे वसूलते थे, जिसे बाद में “प्रोसेसिंग चैनल” के जरिए अमेरिकी डॉलर से भारतीय मुद्रा में बदला जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में कमीशन काटकर रकम गिरोह के सदस्यों में बांटी जाती थी। जो लोग पैसे देने से इनकार करते थे, उन्हें फर्जी वारंट और नोटिस भेजकर डराया जाता था।

डिजिटल प्लेटफॉर्म का करते थे इस्तेमाल

गिरोह अपनी पहचान छिपाने के लिए स्काइप, लिंक्डइन, टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के साथ-साथ डार्क वेब का उपयोग करता था। आरोपी यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) के जरिए लेन-देन कर पैसों को ट्रैक होने से बचाने की कोशिश करते थे।

पहले भी जा चुका है जेल

गिरफ्तार आरोपी विकास नरेन्द्र शुक्ला (32 वर्ष) मूलतः अहमदाबाद (गुजरात) का निवासी है। वह वर्ष 2019 में पुणे में अवैध कॉल सेंटर संचालन और ठगी के मामले में जेल जा चुका है।

बरामद सामग्री

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से:

04 मोबाइल फोन

04 एटीएम कार्ड

01 पैन कार्ड जब्त किए हैं।

कानूनी कार्रवाई जारी

इस मामले में थाना गंज और न्यू राजेन्द्र नगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है

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