65 हजार रुपये की चेन झपटमारी का फरार आरोपी दबोचा, मध्यप्रदेश की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर भेजा गया न्यायिक रिमांड।
65 हजार रुपये की चेन झपटमारी का फरार आरोपी दबोचा, मध्यप्रदेश की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर भेजा गया न्यायिक रिमांड।
65 हजार रुपये की चेन झपटमारी का फरार आरोपी दबोचा, मध्यप्रदेश की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर भेजा गया न्यायिक रिमांड।
समाचार मनेन्द्रगढ़। लगभग नौ माह पुराने सोने की चेन झपटमारी मामले में सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला जेल से प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में सिटी कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 की शाम एक महिला अपनी बेटी के साथ मनेन्द्रगढ़ में सोने की चेन खरीदने आई थी। इसी दौरान दो अज्ञात युवकों ने झपट्टा मारकर उनका पर्स छीन लिया, जिसमें करीब 65 हजार रुपये रखे थे। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले में सिटी कोतवाली मनेन्द्रगढ़ में अपराध क्रमांक 182/2025 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच के दौरान आरोपी की पहचान मांज्या कुमार नट (32 वर्ष) निवासी देवीनगर, थाना परलकोट, जिला जशपुर के रूप में हुई। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया। बाद में जानकारी मिली कि वह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला जेल में बंद है। इसके बाद न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया।
10 जुलाई 2026 को आरोपी को मनेन्द्रगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 24 जुलाई 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली विवेक पाटले, पीएसआई कमलेश, एएसआई अभिषेक पाण्डेय, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक पुष्कल सिन्हा, प्रधान आरक्षक प्रिन्स, प्रधान आरक्षक नवीन तथा आरक्षक प्रदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
राकेश सिंह की रिपोर्ट